सेना भर्ती में हुआ था असफल, अब तक 40 लाख से ज्यादा ठगा
पूछताछ में राजवीर ने बताया कि वह एलएलबी तृतीय सेमेस्टर का छात्र है। उसने वर्ष 2008 में सेना भर्ती के लिए परीक्षा दी थी लेकिन सफल नहीं हुआ था। इसके बाद वह बेरोजगार युवकों को सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगने लगा। योजना के मुताबिक उसने आर्मी कैप्टन की वर्दी बनवाई और अपने क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि वह आर्मी में कैप्टन हो गया है।
वर्ष 2017 में लोहता के भिटारी निवासी अमरनाथ यादव से उसकी मुलाकात हुई तो खुद को कैप्टन बताते हुए उसे आर्मी में भर्ती कराने को कहा। इसके बाद अमरनाथ के घर पर ही कुछ अन्य अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाने के लिए आर्मी कैप्टन की वर्दी पहन कर वह गया। साथ ही सेना में भर्ती के नाम पर सात लोगों से 14 लाख रुपये लिए।
इसके अतिरिक्त उसने सुधाकर वर्मा, रजनीश और दिव्या से 10 लाख रुपये सेना में भर्ती के नाम पर लिए। अजय कुमार से डेढ़ लाख रुपये मिलिट्री कैंटीन से सामान निकालने के नाम पर ठगे। इसी तरह से कई अन्य लोगों को भी ठगा, जो उसे अब याद नहीं हैं।
वर्ष 2020 में राजवीर की पत्नी और आसपास के लोगों को उसके फर्जी आर्मी कैप्टन होने का संदेह होने लगा। वर्ष 2020 में ही पीसीएस-2017 का परिणाम आया, जिसमें लंका निवासी आनंद कुमार का 62वां स्थान था और उनका चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ था।
राजवीर उर्फ आनंद ने अपना नाम आनंद का फायदा उठाकर एक समाचार पत्र में अपने बारे में समाचार छपवाया कि उसका चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ है। इसके बाद वह आर्मी कैप्टन और डिप्टी एसपी दोनों के तौर पर लोगों को ठगने लगा।
शादी में भी फर्जीवाड़ा किया, पत्नी ने दर्ज कराया था मुकदमा
राजवीर उर्फ आनंद ने बताया कि वर्ष 2016 में उसने ओएलएक्स वेबसाइट पर आर्मी का लोगों लगाकर अपनी आईडी बनाई थी। इसके बाद एक ब्रांडेड कंपनी के मोबाइल को बेचने के लिए उसने ओएलएक्स पर विज्ञापन पोस्ट किया था। उस मोबाइल को खरीदने के लिए एक लड़की ने अनुरोध किया। इस पर राजवीर सिंह उर्फ आनंद ने उसको सिगरा बुलाया और वहां आर्मी कैप्टन की वर्दी में उससे मिला।
राजवीर ने उसे अपनी नियुक्ति 39 जीटीसी छावनी क्षेत्र बताई और खुद को हैदराबाद का मूल निवासी बताया। इसके बाद दोनों में जान-पहचान बढ़ी तो बाद में राजवीर उर्फ आनंद ने उसको असलियत न बताकर उससे शादी कर ली थी। धोखाधड़ी उजागर होने पर उसकी पत्नी उसके खिलाफ लोहता थाने में बीती चार फरवरी को मुकदमा दर्ज कराई थी।