तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं भरा जा सका। वहीं, जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग में भी स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए महिला मरीजों को परेशान होना पड़ा। नवंबर में शासन ने डॉक्टरों की तैनाती तो की, लेकिन दो डॉक्टर ही कार्यभार ग्रहण कर सके।
निजी कर्मचारी ने लिया सैंपल, फर्जी हेल्थ कार्ड पर इलाज
बीएचयू अस्पताल में निजी लैब के कर्मचारियों ने न केवल पर बेधड़क अस्पताल की इमरजेंसी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सीसीयू सहित अन्य जगहों पर भर्ती मरीजों के सैंपल
लिए। वही, उनसे कम समय में रिपोर्ट देने का हवाला देते हुए जांच करने में भी सफल रहे। व्यवस्थागत खामियों की बात करें तो फर्जी हेल्थ डायरी पर इलाज करने वालों का
भी गिरोह सक्रिय है। छात्रों और कर्मचारियों के नाम पर जो हेल्थ डायरी ली गई है उसमें नाम बदलकर यहां तक की फर्जी एमआरडी नंबर जारी कर इलाज करा रहे हैं।