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हुस्न को हथियार बनाकर राहगीरों को लूटती थी अपना दल से निष्कासित नेत्री, पुलिस ने दबोचा

Fri, 21 Dec 2018 11:03 AM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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हुस्न को हथियार बनाकर राहगीरों लूटने का खेल आपने सिनेमा वगैरह में देखा होगा लेकिन इसका ताजा उदाहरण यूपी के सोनभद्र जिले में सामने आया है।  करमा थाना क्षेत्र के करकी के समीप पुलिस ने लूट की बाइक बरामद करते हुए महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। महिला अपना दल महिला विंग की जिलाध्यक्ष रह चुकी है।
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उसे और उसके साथी को तीन माह पूर्व ही पार्टी से निकाला गया था। उनके पास से 20 हजार रुपये सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। पांच लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। चुर्क पुलिस लाइन में एसपी किरीट राठोड ने बताया कि सप्ताह भर के भीतर लूट की तीन घटनाएं हुई थी।

खुलासे के लिए एएसपी अरूण कुमार दीक्षित की अगुवाई में चार टीमें गठित की गई थी। बुधवार की शाम करीब सात बजे करकी के समीप स्वाट टीम प्रभारी वीके सिंह, राबर्ट्सगंज कोतवाल सीपी पांडेय, करमा एसओ राकेश राय और शाहगंज थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने मुखबिर की सूचना पर एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि एक युवक फरार हो गया।
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 पूछताछ में उनकी पहचान शाहगंज थाना क्षेत्र के पेटराही गांव  के राजेंद्र पटेल, राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के हिंदुआरी गांव के नंदू पटेल, रामबली, चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के गढ़वा निवासी शकुंतला गुप्ता के रूप में हुई। इन लोगों ने लूट की पांच घटनाओं को स्वीकार की। वहीं फरार हिंदुआरी गांव निवासी छोटू उर्फ प्रकाश के रूप में हुई।  

बताया कि उनकी निशानदेही पर लूट की एक बाइक, घटना में प्रयुक्त बाइक, एक मोबाइल, लूट की एक घड़ी, 20 हजार रुपये बरामद हुए हैं। शकुंतला अद महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष, जबकि  राजेंद्र पटेल किसान मोर्चा का जिलाध्यक्ष रह चुका है। तीन माह पूर्व दोनों के गतिविधियों की जानकारी होने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।  
 
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 शकुंतला फिल्मी स्टाइल में घटना को अंजाम देती थी। पहले वह मोटर साइकिल चालक को रोक कर लिफ्ट मांगती थी, फिर रास्ते में उसे रोकती थी और उसके साथ आकर मारपीट कर बाइक आदि लूट लेते थे। अगर उसे मौका नहीं मिलता था तो वह मोबाइल नंबर लेती थी और बाद में उसे चाय पीने के बहाने बुलाती थी। शकुंतला राबर्ट्सगंज स्थित एक महाविद्यालय में एमए तृतीय वर्ष की पढ़ाई भी कर रही है। उसके झांसे में आकर पिता-पुत्र भी लूट चुके हैं, मगर संकोचवश वह लोग घटना का जिक्र नहीं किए। 
 
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