बीएचयू अस्पताल की पैथालॉजी विभाग में बाहर से आने वाली कई जांचें भी की जा रही हैं। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को नहीं मिल पाती है। इसकी रिपोर्ट खुद अस्पताल के चिकित्साधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने मंडलायुक्त को भेजी है। इसकी कॉपी जिलाधिकारी, आईएमएस निदेशक, कुलसचिव को भी दी गई है।
इसमें उन्होंने यह भी कहा है कि अस्पताल में बनी सीसीआई लैब में पैथालॉजी विभाग के लिए कमरा एक साल पहले से आवंटित है, इसके बाद भी यहां जांच नहीं शुरू की जा रही है। इस वजह से यहां ताला लगा रहता है। मरीजों को असुविधा झेलनी पड़ती है।
अस्पताल में एक पिता के अपने बेटे को कंधे पर उठाकर जांच के लिए आईएमएस निदेशक कार्यालय तक जाने के मामले का संज्ञान शासन ने लिया है। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी साझा की गई। कमिश्नर ने अस्पताल के चिकित्साधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी। अब चिकित्साधीक्षक ने जो जवाब भेजा हैं, वह भी चौंकाने वाला है। जहां एक ओर उन्होंने यह बताया है कि संबंधित व्यक्ति किसी तरह की जांच या उपचार के लिए नहीं आया था, वहीं पैथालॉजी विभाग के अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया है।