बीएचयू के हिंदी विभाग से पांच शोध छात्रों का निष्कासन वापस ले लिया गया। इस सिलसिले में तमाम छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कहा गया कि शोध छात्रों को फैसले की जानकारी दी जा चुकी है। लिहाजा, गतिरोध खत्म हो गया।
बीएचयू के हिंदी विभाग ने पांच शोध छात्रों का प्रवेश निरस्त कर दिया था। इसका कड़ा विरोध किया गया। तमाम छात्र धरने पर बैठ गए। पिछले 20 दिनों से प्रदर्शन जारी रहा। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों का प्रवेश बहाल कर दिया गया है। इसकी सूचना प्रदर्शनकारी छात्रों को भी दी गई है। इस पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने खुशी जताई और कहा कि सत्य की जीत हुई है। अब पिछले सात महीनों से लंबित डीआरसी, छात्रावास आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं की मांग की जाएगी।