वाराणसी में कई विमानन कंपनियां इस सेवा को शुरू करने के लिए डीजीसीए से अनुमति के लिए आवेदन कर चुकी हैं। एक विमान की कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये है। यहां बता दें कि पिछले शुक्रवार को आईडब्ल्यूएआई के उपाध्यक्ष जयंत सिंह ने वाराणसी दौरा किया था और उन्होंने स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी थी कि सी प्लेन सेवा के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि आईडब्ल्यूएआई ने वाराणसी से प्रयागराज, अयोध्या, मथुरा सहित अन्य धार्मिक शहरों के लिए सी प्लेन संचालन का प्रस्ताव दिया है। रामनगर पोर्ट के पास से ही सी प्लेन संचालन की योजना है। इसके लिए गंगा में नावों के संचालन का रूट तय कर दिया जाएगा।
यह ऐसा विमान है जो जमीन के साथ पानी में भी उतर सकता है। इसका निर्माण उपभोक्ता सेवाओं के मद्देनजर किया गया है, जिसमें माल ढुलाई, फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव, एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी सीटों को जरूरत के मुताबिक हटाया भी जा सकता है। इसमें 10 से 12 सीटें होती हैं। विमान की अधिकतम गति 330 किमी/घंटा है, जो 12 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकती है। इसको टेक ऑफ के लिए मात्र 300 मीटर जमीन या पानी के तल पर दौड़ाना पड़ता है। इस विमान में केवल एक इंजन होता है, जिसे चलाने के लिए सिर्फ एक पायलट की जरूरत है।
रामनगर में आईडब्ल्यूएआई के पोर्ट के पास से ही सी प्लेन का संचालन करने की योजना है। इसके लिए गंगा में नावों के संचालन का रूट प्लान बनाने के साथ ही उनकी सीमा तय की जाएगी। एक दायरे के बाद नावों आदि के लिए नो एंट्री जोन भी बनाया जाएगा।