अवैध शराब कारोबार के लिए मशहूर है आजमगढ़
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रौनापार, जीयनपुर, बिलरियागंज और मुबारकपुर में जहरीली शराब पीने से एक साथ तीस और पचास लोगों की हुई मौत के बाद आजमगढ़ का नाम सुर्खियों में था। रिपोर्ट के मुताबिक यहां आबकारी विमाग कई मायने में कमजोर और उपेक्षित मिला। इस प्रकार की स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी आबकारी विभाग की है। 27 सितंबर को कई आबकारी धाराओं में संशोधन कर उन्हें और प्रभावी बनाया गया है।
नियमों को सख्त करते हुए सरकार उन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए आबकारी थाना खोले जाने का निर्णय लिया है। इसमें आजमगढ़ भी शामिल है।
आबकारी अधिकारी शराब तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले करते हैं। लेकिन वे कार्रवाई करने में हीलाहवाली करते हैं। बड़ा मामला हो जाने पर आबकारी विभाग को ही दोषी ठहराते हैं। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार अबैध शराब पर रोक लगाने के लिए सख्त है।
27 सितंबर को कई आबकारी धाराओं में संशोधन कर उन्हें और प्रभावी बनाया गया है। नियमों को सख्त करते हुए सरकार उन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए आबकारी थाना खोले जाने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में जिन दस जिलों में आबकारी थाना खोले जाने का प्रावधान तैयार किया गया है। उन दस जिलों में आजमगढ़ का नाम प्रमुख है।
13 सितंबर को जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह विभागीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में यह जानकारी दी है। साथ ही थाना बनाए जाने के लिए भूमि का चयन आदि प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। बताया कि आबकारी थाना दस उन जिलों में खोले जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जहां शराब पीने से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। जिला अवैध शराब कारोबार के लिए मशहूर है।