बनारस के रोहनिया थाना अंतर्गत बीरभानपुर में अवैध शराब फैक्ट्री के संचालन का मामला उजागर होने पर शनिवार को आबकारी विभाग के एक निरीक्षक और सात सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। प्रदेश सरकार के निर्देश पर आबकारी आयुक्त द्वारा की गई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
एक अक्तूबर की आधी रात बाद इंस्पेक्टर शिवपुर विजय बहादुर सिंह ने छापेमारी कर बीरभानपुर में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। प्रकरण की जानकारी प्रदेश सरकार को हुई तो आबकारी आयुक्त को आबकारी विभाग के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
निर्देश के क्रम में जिले के आबकारी विभाग के सर्किल तीन के इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह और सिपाही शैलेष कुमार त्रिपाठी, शशिभूषण, सुनील कुमार, पवन कुमार, प्रेम आनंद, कंचन पांडेय व सुनीता सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने की।
अवैध शराब फैक्ट्री का मामला उजागर होने पर आबकारी विभाग ने अपने आठ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। वहीं, पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारियों को सिर्फ कार्रवाई का कोरम पूरा किया।
रोहनिया थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश गुप्ता को हटा कर मॉनीटरिंग सेल का प्रभारी बना दिया गया और शनिवार को कांस्टेबल चालक एकलाख खां, कांस्टेबल प्रदीप सिंह व कांस्टेबल अमरनाथ सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
जानकारों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से इतने बड़े पैमाने पर अवैध शराब फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था लेकिन कार्रवाई में कोताही बरती गई। इससे अच्छा संदेश नहीं जाएगा।