उनके मतगणना केंद्र जाने पर भी रोक लगा दी गई थी। डीएम के मुताबिक, नलिनी कांत सिंह ने मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और राजनैतिक दलों को मूवमेंट प्लान शेयर किए बिना ही ईवीएम को प्रशिक्षण कार्य के लिए यूपी कॉलेज भेजा।
उनकी इस लापरवाही की वजह से वाराणसी के प्रत्याशियों में बहुत बड़े भ्रम की स्थिति फैली, जिसे नियंत्रित करने में वाराणसी जिले की छवि गंभीर रूप से धूमिल हुई। ऐसी गंभीर अनियमितता के कारण नलिनी कांत सिंह अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) पर कार्रवाई हुई है।
वाराणसी में ईवीएम को लेकर बवाल
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यहां यह बताना जरूरी है कि ईवीएम की अदला-बदली का आरोप लगाकर मंगलवार रात वाराणसी के पहड़िया मंडी स्थित मतगणना केंद्र के बाहर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों को कार्यकर्ताओं ने खासा हंगामा किया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए थे।
वाराणसी में प्रदर्शनकारियों को समझाने में प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़े थे। मंगलवार की रात पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रांग रूम के बाहर पांच हजार से अधिक सपा कार्यकर्ताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर बवाल किया था। जबकि मालवाहक वाहन से ईवीएम यूपी कॉलेज में कर्मचारियों के मतगणना प्रशिक्षण के लिए जा रहा था। वाराणसी में नलिनी कांत सिंह की जगह पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार को ईवीएम का नोडल प्रभारी बनाया गया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आह्वान के बाद शिवपुर सीट से प्रत्याशी अरविंद राजभर समर्थकों के साथ पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल पर बैठे हुए हैं। सपा नेता पूजा यादव भी समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पर डटी हुईं हैं। पहाड़िया मंडी में आज जब एडीसीपी और एडीएम प्रशासन की गाड़ी अंदर आई तो सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका। ईवीएम गड़बड़ी की आशंका में वाहन की गहनता से जांच की फिर अंदर जाने दिया।