शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कारोबारी ने अलग-अलग लोगों से अलग-अलग परियोजनाओं के नाम पर पैसा लिया। कई मामलों में एग्रीमेंट और भुगतान के दस्तावेज होने का दावा भी किया है। पीड़ित अब एक-दूसरे से संपर्क कर रहे हैं और सामूहिक रूप से कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटे हैं।
मामला तूल पकड़ने के बाद इसकी तुलना चर्चित साइन सिटी प्रकरण से की जाने लगी है। पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो बड़ी संख्या में और निवेशक सामने आ सकते हैं।