शहर के लुप्त हो रहे कुंड और तालाब संवारने का काम नगर निगम की सुस्ती से लटका हुआ है। जिस काम को बीते दिसंबर में पूरा किया जाना था, मॉनीटरिंग के अभाव में साढ़े तीन महीने बाद भी खत्म नहीं किया जा सका है। अब इसकी मियाद मई तक बढ़ा दी गई है।
ओएनजीसी ने सीएसआर के तहत शहर के चार कुंड संवारने का जिम्मा लिया था। बाद में सारनाथ स्थित सारंग तालाब के अलावा लक्ष्मी कुंड, दुर्गा कुंड और लाटभैरव तालाब के काम को ही अपने पास रखा। इनके मरम्मत एवं सुंदरीकरण का काम केंद्रीय एजेंसी एनबीसीसी करा रही है। एक साल पहले शुरू हुए कार्य के तहत लक्ष्मी कुंड को 1.25 करोड़ की लागत से पत्थर लगाने से लेकर सोलर लाइट, फव्वारे, पैडल वोट लगाने का काम चल रहा है। भित्ति चित्र बनाए जा रहे हैं। कुंड पर 20 सोलर लाइट, एक हाईमास्ट, दो पैडल वोट और चार फव्वारे लगाए जाने हैं।
इसी तरह 2.65 करोड़ से दुर्गा कुंड को संवारने का काम भी मार्च तक पूरा करना था। चार फरवरी को दौरे पर आए मिशन स्वच्छ भारत के डाइरेक्टर और केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने दुर्गा कुंड को मॉडल के रूप में तैयार करने के साथ ही समय पर काम पूरा करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके काम अधूरा है। लगभग एक करोड़ में होने वाले लाटभैरव तालाब के सुंदरीकरण का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।