स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना से ठीक होने वाले लोगों के लिए जो प्रोटोकॉल बनाया है, उसमें आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को भी महत्व दिया गया है। कोरोना को मात देने के बाद विशेषकर पहले से किसी बीमारी का इलाज करा रहे लोगों, परिजनों को अधिक सतर्क रहना चाहिए। -प्रो. आनंद चौधरी, विभागाध्यक्ष, रसशास्त्र विभाग, बीएचयू
कोरोना को मात दे चुके ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज, किडनी, बीपी, सांस की पहले से बीमारी है या वो संक्रमित होने के बाद अस्पताल में आइसीयू में रहे हैं। ऐसे लोगों को थकान, कमजोरी, सांस फूलने जैसी परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लेते रहना चाहिए। कुछ लोगों को हृदय रोग, सांस संबंधी परेशानी हो सकती है। -प्रोफेसर ओम शंकर, हृदयरोग विशेषज्ञ, बीएचयू