वाराणसी। धान की सैकड़ों प्रजातियों पर शोध करने वाला अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इरी) भी जल्द ही शोध में दौरान ड्रोन का प्रयोग करेगा। इसके लाइसेंस मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
इरी के एक वैज्ञानिक ने बताया कि संस्थान में रबी सीजन की मुख्य फसल धान की सैकड़ों प्रजातियों को शोध के लिए लगाया गया है। इस बार शोध में ड्रोन को भी शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए लाइसेंस लेने के लिए संबंधित विभाग को आवेदन किया गया है। इरी में पिछले साल विदेशी सहित देश की तीन सौ से अधिक प्रजातियों को शोध के लिए लगाया गया था। इनमें 25 प्रजातियों को रिलीज करने के लिए केंद्र को भेजा गया है।
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