निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने और पेंशन व भविष्य निधि का लाभ देने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारी नामांकन अभियान (ईईसी) की शुरुआत की है। इस योजना के जरिये उन पुरानी कंपनियों और कर्मचारियों को भी ईपीएफओ से जुड़ने का मौका मिल रहा है, जो अब तक किसी कारणवश इससे वंचित थे। इस विशेष अभियान के तहत एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 की अवधि के दौरान कार्यरत रहे कर्मचारियों का नामांकन किया जा सकेगा।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम शोभित सिंघल ने बताया कि सभी पात्र संस्थान चाहे वे ईपीएफओ में पहले से पंजीकृत हों या नहीं, ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से अपने कर्मचारियों की ऑनलाइन घोषणा कर सकते हैं। यदि पिछली अवधि के दौरान कर्मचारी के वेतन से ईपीएफ का अंशदान नहीं काटा गया था, तो उस अवधि के लिए कर्मचारी का अंशदान पूरी तरह माफ रहेगा। नए नामांकित कर्मचारियों के लिए उमंग एप के माध्यम से फेस-ऑथेंटिकेशन आधारित यूएएन बनाना अनिवार्य होगा। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न के जरिए योगदान जमा किया जाएगा।
अधिकारी बोले
वाराणसी जोन के अंतर्गत आने वाले सभी औद्योगिक, वाणिज्यिक, शैक्षणिक, चिकित्सीय संस्थानों और मैनपावर सप्लायर्स को पत्र जारी कर दिया गया है। सभी पात्र संस्थान समय रहते अपने छूट गए कर्मचारियों की ऑनलाइन घोषणा कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करें। -शोभित शिंघल, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम