मंदिर पुजारी सूरज गोस्वामी ने बताया कि मैं रात में मां चंद्रघंटा की शयन आरती करने के बाद घर चला गया था। भोर में आया तो देखा कि प्रवेश द्वार गिरा हुआ है। इसको जल्द ही पुनः निर्मित करा दिया जाए, तो भक्तों की नाराजगी दूर हो जाएगी।
इसकी जानकारी क्षेत्रीय पार्षद और विधायक नीलकंठ तिवारी को भी दी गई है। स्थानीय लोगों ने राहत जताई कि घटना देर रात हुई, अन्यथा यहां से सुबह-सुबह बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ और माता चंद्रघंटा के दर्शन के लिए गुजरते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।