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गुप्तकालीन शिवमंदिर में गर्भगृह के पास प्रवेश द्वार, परिक्रमा पथ भी मिला

Thu, 05 Mar 2020 10:44 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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खुदाई में मिली मूर्तियां। - फोटो : अमर उजाला।
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वाराणसी के बभनियांव में चल रही खुदाई में बीएचयू पुरातत्व विभाग की टीम ने गुप्तकालीन के शिवमंदिर में जिस गर्भगृह के होने का पता लगाया है, उसके आसपास साफ-सफाई में गर्भगृह के पास प्रवेश द्वार होने के साथ ही चारों तरफ प्रदक्षिणा पथ भी मिला है। इसके बाद यह कहा जा रहा है कि गुप्तकालीन इस गर्भगृह में पूजा-पाठ करने के बाद लोग इसका चक्कर भी लगाते होंगे।

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बीएचयू प्राचीन इतिहास, पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह के निर्देशन में 26 फरवरी से ही खुदाई चल रही है। अब तक यहां गुप्तकालीन शिवलिंग, देवी-देवताओं की मूर्तियां, मृदभांड सहित कई अहम पुरावशेष मिल चुके हैं। बुधवार को गर्भगृह के आसपास सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया कि इसमें जाने के लिए रास्ता पश्चिम की ओर से था और इस दीवारें भी बनी हैं।

इसमें दरवाजे के लिए पूरा भाग छूटा है। बाकी तीन ओर से भी दीवारें बनी हैं। प्रो. ओएन सिंह, प्रो. अशोक सिंह, प्रो. एके दूबे के मुताबिक गर्भ गृह की दीवाल के बाएं तरफ पूर्वी उत्तरी छोर पर गोल घेरे का निशान भी स्पष्ट दिख रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि गर्भ गृह का शीर्ष भाग लकड़ी के माध्यम से बनाया गया रहा होगा। प्रो. सिंह ने बताया कि पश्चिम तरफ से प्रवेश द्वार के साथ ही पूजा पाठ के बाद पानी निकलने की नाली भी बनी है।

सटीक रहा खुदाई के लिए स्थल का चयन

जिस स्थान पर खुदाई की गई, वहां पर नीचे इतने स्पष्ट रूप से गर्भ गृह गड्ढे के बीचोबीच निकल जाएगा इसे लेकर खुद इतिहास विद् और स्थानीय लोग शिव का करिश्मा ही मान रहे हैं । खुदाई के बाद जो गर्भ गृह मिला है, उसके आसपास भी सफाई के साथ ही खुदाई भी जारी है। प्रोफेसर एके दूबे ने बताया कि ऐसा भव्य गर्भगृह का रूप एक बार की खुदाई में आ जाना खुद उनके लिए कौतूहल है।

 

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खदुाई करती टीम। - फोटो : अमर उजाला।

सिक्का गिरा और शिवलिंग के सामने रुक गया

जब रोहनिया के विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह उत्खनन स्थल पर पहुंचे तो वहां मौजूद प्रोफेसर अशोक सिंह ने उन्हें गड्ढे में ले जाकर गर्भ गृह और शिवलिंग दिखाया। इसके पहले की कुछ तस्वीर दिखाने के लिए प्रो. अशोक ने जेब से मोबाइल निकाला ही था कि उसके साथ एक रुपये का सिक्का भी निकल गया और गड्ढे में गिर गया। जब तक प्रो. सिंह देखते तब तक सिक्का शिवलिंग के सामने जाकर रूक गया। वहां मौजूद रिसर्च स्कॉलर डॉक्टर रविशंकर ने सिक्का उठाना चाहा तो विधायक ने उन्हें रोक दिया।

कहा कि सिक्के को शिवलिंग के सामने वहीं पर छोड़ दिया जाए। बुधवार को बभनियाव गांव में पुरातात्विक स्थल की खुदाई को देखने पहुंचे रोहनिया के विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने पुरातत्वविदों के इस प्रयास को सराहा। कहा कि खुदाई के इस कार्य में धन की कमी नहीं आने पाएगी। बताया कि यहां मिलने वाले पुरावशेषों के बारे में वह मुख्यमंत्री से बातचीत कर इसके संरक्षण की मांग करेंगे।

तीसरे गड्ढे के लिए लगा निशान

बभनियाव गांव में उत्खनन के लिए इतिहास विदों ने तीसरे गड्ढे की खुदाई के लिए भी बुधवार को निशानदेही करा दी। यह गड्ढा गर्भ गृह वाले गड्ढे के ठीक समानांतर दक्षिण दिशा में होगा। इस स्थान की साफ-सफाई और खुदाई बुधवार को शुरू हो गई। इस स्थान के बाद ही दक्षिण तरफ सटा हुआ गांव के ही सर्वेश का खेत है। खुदाई की जानकारी मिलने पर पहुंचे सर्वेश ने इतिहासविदों को भरोसा दिया कि यदि उनके खेत में खुदाई की जरूरत होगी तो वह सहर्ष देने को तैयार है।
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