जेल से छूटने के बाद फिर शुरू की चोरी
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, दोनों आरोपी पुराने साथी हैं। जेल से छूटने के बाद मामले की तारीख पर कचहरी आने के दौरान उनकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों ने फिर से चोरी की वारदातें शुरू कर दीं। दोनों ऑटो से घूमकर ऐसे घरों की रेकी करते थे, जहां आभूषण और नकदी मिलने की संभावना होती थी। रात में चोरी करने के बाद सामान आपस में बांट लेते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने कुछ दिन पहले एकडंगी गांव के एक घर से आभूषण और नकदी चोरी करने की बात बताई। चोरी के आभूषण दिनेश ने एक सुरक्षित स्थान पर रख दिए थे। घटना के बाद दोनों उन्हें लेने जा रहे थे, तभी पुलिस की चेकिंग के दौरान मुठभेड़ हो गई। पुलिस अब आरोपियों की अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जांच कर रही है।
पुलिस पर गोली चलाकर भाग रहे थे बदमाश।
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कई जिलों में दर्ज है प्राथमिकी
प्रदीप कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा मऊ और गाजीपुर जिले में भी चोरी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हैं। दिनेश के खिलाफ वर्ष 2011 से मोटरसाइकिल चोरी के मामले दर्ज होने का उल्लेख है। वर्ष 2012 में तहबरपुर पुलिस के साथ मुठभेड़ के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। वहीं, दोनों आरोपी वर्ष 2020 में रौनापार क्षेत्र के भैसाड़ गांव में दो घरों से आभूषण और नकदी चोरी करने के मामलों में भी नामजद रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के खिलाफ पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।