इनका एक गिरोह बिहार में है। चारों भाइयों ने छह मार्च 2017 को पटना के बेलछी थाना के बाघाटिलहा गांव के पास पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से दिनदहाड़े 60 लाख रुपये लूट लिए थे। इस दौरान लूट की घटना को अंजाम देने के दौरान बैंक के गार्ड योगेश्वर पासवान, सुरेश सिंह और वाहन चालक अजीत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बदमाशों से 45 लाख रुपये बरामद किया था।
इसके एक साल पूर्व दोनों बदमाशों ने वर्ष 2016 में बिहार में दो दरोगा की हत्या और एक जमादार को गोली मारकर तीन सरकारी पिस्टल और एक रिवाल्वर लूट ली थी। पुलिस आयुक्त के अनुसार बदमाशों के कब्जे से बरामद मोबाइल की सीडीआर खंगाली जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वाराणसी में और कौन लोग इनके संपर्क में थे। पनाह देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मुठभेड़ की सूचना के बाद मौके पर जुटी भीड़
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दरोगा अजय यादव की हत्या का प्रयास और सर्विस पिस्टल लूट की घटना ने वाराणसी के साथ ही यूपी पुलिस को भी हिला दिया था। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने दस दरोगा की एसआईटी गठित की। सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय और क्राइम ब्रांच की टीम लगातार 13 दिन तक सुरागकशी करती रही। कमिश्नरेट पुलिस के लिए यह घटना चुनौती बनी थी। आखिरकार 13 दिन के अंदर पुलिस ने आतंक का अंत कर दिया।
वाराणसी में रिंग रोड के पास मुठभेड़
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रोहनिया थाना अंतर्गत जगतपुर दरेखू गांव में 9 नवंबर की शाम दरोगा अजय यादव को गोली मार कर बदमाशों ने सर्विस पिस्टल, दस कारतूस, मोबाइल, पर्स लूट ली थी। फायरिंग में दरोगा को सीने के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर रोहनिया इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्र और मोहनसराय चौकी इंचार्ज रजनीश त्रिपाठी को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने निलंबित कर दिया था।
अलसुबह के समय हरहुआ रिंग रोड किनारे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास के ग्रामीण सहम गए। अपने गंतव्य को जाने वाले राहगीर भी जहां-तहां ठहर गए। अचानक पुलिस की भारी फोर्स और गाड़ियों को देख बहुत देर तक ग्रामीण कुछ समझ नहीं सके। बाद में मालूम चला कि पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई है।