वहीं, उनकी पत्नी फरजाना ने मुरादाबाद के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। दोनों बच्चों ने सीट के नीचे घुसकर अपनी जान बचाई थी। इस मामले को लेकर देशभर में बवाल मचा था कि एनआईए अफसर की हत्या आतंकियों ने की है। लेकिन जब पुलिस ने मामले में खुलासा किया तो आरोपी मुनीर निकला जो एनआईए अफसर के पड़ोस में रहता था।
एनआईए अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या में फांसी की सजा काट रहा गैंगेस्टर मुनीर जीबी सिंड्रोंम से ग्रसित था। आईएमएस बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। बीएचयू अस्पताल आने के बाद से ही उसका आईसीयू में इलाज चल रहा था। सोमवार को उसने अंतिम सांस ली।
गैंगस्टर मुनीर को सोनभद्र के जिला अस्पताल से बीएचयू अस्पताल में 18 नवंबर को लाया गया। उसके बाद उसे न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार अस्पताल में आते ही उसकी सांस बहुत कम होने लगी। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कराया गया। तभी से यहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।