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वाराणसी: 121 मीटर मौली के धागे से रिजवान ने उकेरा गणेशजी का चित्र, गंगा-जमुनी तहजीब की पेश की मिसाल

Sun, 08 Nov 2026 10:07 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के कक्षा 12 के छात्र रिजवान खान ने 121 मीटर मौली के धागे से भगवान गणेश का चित्र बनाकर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। संकठा नगर निवासी रिजवान ने चार दिन में 20 घंटे मेहनत कर यह कलाकृति तैयार की। इसे इंडियाज ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में जगह मिली। मां गौसिया बेगम ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई।
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श्रीगणेश के चित्र के साथ रिजवान। - फोटो : अमर उजाला
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कला और आस्था का कोई धर्म नहीं होता। इस संदेश को काशी के 12वीं के छात्र रिजवान खान ने अपनी अनूठी कलाकारी से साकार किया है। उदय प्रताप पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 के छात्र रिजवान ने 121 मीटर मौली के धागे से भगवान गणेश का आकर्षक चित्र तैयार कर गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश की है। उनकी इस कलाकृति को इंडियाज ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में जगह मिली है। संकठा नगर कॉलोनी निवासी रिजवान ने यह चित्र चार दिनों में तैयार किया। इसके लिए उन्होंने प्रतिदिन करीब पांच घंटे मेहनत की।

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रिजवान की इस उपलब्धि में उनकी कला के साथ ही सामाजिक सौहार्द का संदेश भी छिपा है। एक मुस्लिम परिवार से आने वाले रिजवान ने हिंदू धर्म के प्रथम पूज्य भगवान गणेश का चित्र बनाकर यह दिखाया कि कला किसी धर्म या मजहब की सीमाओं में बंधी नहीं होती। उनकी इस पहल ने काशी की उस सांस्कृतिक परंपरा को भी जीवंत किया, जहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे की आस्था और संस्कृति का सम्मान करते हैं।

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माता-पिता को गर्व महसूस हो रहा

बेटे की इस उपलब्धि पर मां गौसिया बेगम ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है कि उनके बेटे ने हिंदू धर्म के प्रथम देवता भगवान गणेश का चित्र बनाया है। इससे उन्हें बहुत अच्छा लगा। रिजवान ने अपनी कला के जरिये आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया है।

नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल और वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक विजय विनीत ने रिजवान को इंडियाज ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र प्रदान किया। सम्मान मिलने पर रिजवान ने कहा कि कला का कोई धर्म नहीं होता। कलाकार के लिए उसकी कला ही सबसे बड़ी पहचान है। इस सम्मान को पाकर वह काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश और आपसी भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाएं।
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