शुक्रवार की रात में कोडार गांव के दो किसानों का हाथियों ने घर ढहा दिया। वहीं फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने हाथियों को खदेड़ा तो शनिवार की रात में सिरसोती होते हुए रफ़र से कोडार के जंगल में घूस गए।
जंगल घना होने की वजह से हाथियों को भगाने में दिक्कत हो रही है। शनिवार की रात में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने मशाल जलाकर रातभर हाथियों को गांव में आने से रोकने का काम किया है। डिप्टी रेंजर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हाथियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सके इसके लिए मशाल जलाकर रातभर निगरानी की जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी जरहां जहीर मिर्जा ने बताया कि हाथी छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया में रहते हैं। सेंचुरी एरिया से हाथियों के निकलने के कई कारण हैं।
जैसे हाथियों में दुराव हो जाता है, खाने की समस्या हो जाती है। इसकी वजह से हाथी निकल जाते हैं। सेंचुरी एरिया से निकलने का इनका कोई निश्चित समय नहीं होता है। यह कभी भी आ सकते हैं। यह भी होता है कि जिस रास्ते से हाथियों का आना हुआ होता है, उसी रास्ते से आते हैं।
इनसे बचाव के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महुआ का फूल, शराब दूर रखें उसकी महक से भी हाथी पहुंचते हैं। हाथियों से छेड़खानी न करें, हमेशा समूह में रहें घर के आसपास अलाव जलाकर रखें, इससे हाथी दूर भागते हैं।