मीडिया प्रभारी ने कहा कि बिजली कर्मियों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। किसी भी कर्मी को गिरफ्तार किया गया तो हड़ताल के साथ जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर प्रदेश के बिजली कर्मी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भिखारीपुर स्थित कार्यालय के बाहर सभा की गई। इसमें बिजली कर्मियों ने निगम प्रबंधन पर मुकरने का आरोप लगा। नीरज पांडेय, राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, अमित त्रिपाठी, संजय भारती ने कहा कि कर्मचारी हितों की अनदेखी की जा रही है। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संविदा कर्मियों के नियोक्ता और ठेकेदारों के नोटिस
प्रबंधन ने संविदा कर्मचारियों के नियोक्ता और ठेकेदारों को नोटिस जारी कर कार्य से विरत रहने वाले कर्मियों को हटाने और उनकी जगह नई तैनाती करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक कार्मिक और प्रशासन शेष कुमार बघेल के मुताबिक निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कोई उपकेंद्रों को नुकसान न पहुंचा सके इसके लिए इसके लिए प्रशासन की ओर से पुलिस की तैनाती की गई है।
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बिजली निगम कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
- फोटो : अमर उजाला
अनपरा तापीय परियोजना के कर्मचारियों ने रनिंग मशीनों के संचालन से हाथ खींचने के फैसला किया है। अंकुर पांडेय ने बताया कि अनपरा परियोजना के कर्मचारी बृहस्पतिवार रात 10 बजे के बाद हड़ताल पर चले जाएंगे। मांग पत्र जारी कर परियोजना की मशीनों का संचालन करने के लिए अधिकारी कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की है।
कार्य बहिष्कार के बाद हड़ताल को देखते हुए पूर्वांचल डिस्कॉम ने पूर्व कर्मचारियों के अलावा जिला प्रशासन के सहयोग से अधिकारियों की तैनाती उपकेंद्रों पर की है। विशेष कार्याधिकारी आरके बंसल के मुताबिक वैकल्पिक मानव संसाधन, वाहन की व्यवस्था, मजिस्ट्रेट की तैनाती उपकेंद्रों पर की गई है। विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का निपटारा करने के लिए हेल्पलाइन 1912 और निगम के टोल फ्री नंबर 18001805025 पर शिकायत की जा सकती है।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि मार्च माह अहम है। इसलिए हड़ताल खत्म करने की अपील है। बातचीत के लिए तैयार हैं। कुछ हठधर्मी बात सुनने को तैयार नहीं है। वे आंदोलन बढ़ाने की बात कर रहे हैं। कई संगठनों ने हमारी बात को समझा और जनहित में अलग रहने का फैसला लिया है। इसमें यूपी पावर एसोसिएशन, लेखा कर्मचारी संघ, तकनीकी संघ सहित तमाम संगठनों ने हड़ताल से अलग रहने का फैसला लिया है। वहीं ऑफिसर्स एसोसिएशन ने दो घंटे अतिरिक्त कार्य का आश्वासन दिया है। ये सब राष्ट्रप्रेमी हैं।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि संघर्ष समिति को बता दिया है की जनता को तकलीफ हुई तो एस्मा के तहत करवाई होगी। जो काम पर आना चाहते हैं उनको कोई रोकता है तो सख्त करवाई की जाएगी। चाहे वह नेता हो या कोई और। जो रोकेगा या नुकसान पहुंचाएगा उसे सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है।