समय से बिल जमा करने के बावजूद 250 से ज्यादा बुनकरों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। इससे त्योहार के सीजन में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। लोहता के अलावल, महमूदपुर, नई बस्ती, बड़ी मस्जिद, तकिया, इस्लामपुर और मउहरिया जैसे इलाकों में बिजली निगम की इस कार्रवाई का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। कनेक्शन कटते ही पावरलूम थम गए हैं। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है।
लोहता के बुनकर सुंदरम ने बताया कि उन्होंने 19 दिन पहले ही बिजली का बिल जमा किया था। इसके बावजूद 13 मार्च को उनका कनेक्शन काट दिया गया। दोबारा भुगतान करने के बाद भी कनेक्शन बहाल नहीं हुआ। विभाग की ओर से बार-बार आश्वासन दिया गया लेकिन अब तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। उनका कहना है कि यही काम का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है लेकिन इस लापरवाही से रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है।
श्याम मोहन मौर्य ने बताया कि वह हमेशा 20 से 25 तारीख को बिल जमा करते हैं। लेकिन उससे पहले ही कनेक्शन काट दिया गया। दोबारा भुगतान के बावजूद बहाली नहीं होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। इरफान का कहना है कि ईद का समय है। त्योहार के समय कनेक्शन काटना बुनकरों के लिए सबसे बड़ा झटका है। इस दौरान उनका काम पूरी तरह ठप है और नुकसान लगातार बढ़ रहा है। मुश्ताक ने बिजली निगम पर आरोप लगाया कि विभाग जरूरत से ज्यादा दस्तावेज मांग रहा है। इससे गरीब बुनकर परेशान हो रहे हैं।
अब्दुल कलाम ने बताया कि उन्होंने 19 फरवरी को ही बिल जमा कर दिया था, इसके बावजूद उनका कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने कहा कि निगम की इस लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा। बुनकर प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रमुख शैलेश सिंह ने इसे विभाग की लापरवाही बताते हुए कहा कि इसका तत्काल समाधान करना चाहिए और भविष्य में ऐसी स्थिति न हो इसका ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि त्योहार के समय कनेक्शन कटने से बुनकरों को भारी नुकसान हुआ है। कई बुनकरों ने समय से पहले ही बिल जमा कर दिया था इसके बावजूद कनेक्शन काटना विभाग की बड़ी चूक है। उन्होंने बताया कि बिजली निगम ने अपनी गलती स्वीकारी है और इसे जल्द ठीक करने का आश्वासन दिया है।
मामले की जानकारी मिली है और इसे जल्द ठीक किया जाएगा। -राकेश पांडेय, मुख्य अभियंता, बिजली निगम