मौसम की नरमी और बारिश के चलते पारेषण-वितरण लाइनों में फाल्ट के चलते बुधवार को बिजली खपत में जहां काफी गिरावट दर्ज की गई। वहीं राज्य सेक्टर के साथ ही निजी परियोजनाओं में जबरदस्त बिजली का उत्पादन कम किया गया।
वहीं पीक ऑवर में अचानक से जरूरत बढ़ने पर महंगी बिजली खरीदकर हालात संभालने पड़े। राज्य सेक्टर में सबसे सस्ती बिजली देने वाली अनपरा परियोजना में पांच सौ मेगावाट वाली पांचवीं इकाई अनुरक्षण में होने और 210 मेगावाट वाली दूसरी इकाई ट्रिप होने के बावजूद छह से सात सौ मेगावाट तक बिजली उत्पादन घटवाया गया।
यहां बुधवार की शाम तक 210 मेगावाट वाली पहली इकाई से 141, तीसरी इकाई से 137, पांच सौ मेगावाट वाली चौथी इकाई से 340, छठवीं इकाई से 333, सातवीं इकाई से 343 कुल 1249 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही थी। जीएम एके सिंह ने बताया कि शक्ति भवन से उत्पादन कम करवाने का निर्देश मिला है।
वहां से इसे रोकने का निर्देश मिलने तक उत्पादन घटाने का क्रम बना रहेगा। इसी तरह राज्य सेक्टर की ओबरा, पारीक्षा, पनकी, हरदुआगंज में भी छह सौ मेगावाट से अधिक का बिजली उत्पादन में कमी किया गया। उधर, निजी क्षेत्र की बारह सौ मेगावाट वाली लैंको परियोजना में भी पांच सौ मेगावाट का उत्पादन कम किया गया।
यहां छह सौ मेगावाट वाली पहली इकाई से 348, दूसरी इकाई से 341 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। सिस्टम कंट्रोल के मुताबिक बिजली की न्यूनतम खपत दस हजार मेगावाट के करीब आ जाने के कारण उत्पादन कम कराया जा रहा है।
वहीं दोपहर में पीकआवर के समय बिजली की मांग अचानक से तेरह हजार मेगावाट पहुंचने के कारण साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट तक बिजली खरीदकर हालात संभालने पड़े।