सिद्धगिरी बाग की सड़कों पर भर गया नालियों का पानी।
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रविकांत मिश्रा, गौरव, उमेश विश्वकर्मा, शुभम और संतोष सिंह ने बताया कि शाम करीब 7 बजे ट्रांसफॉर्मर जलने से बिजली चली गई थी, जिसे विभाग की टीम ने रात करीब 10:30 बजे बहाल किया। हालांकि, इस दौरान लोगों को उमस भरी गर्मी में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
वहीं, लोहता क्षेत्र के गोपालपुर और कोटवा पाही गांवों में स्थिति और भी खराब रही। यहां ट्रांसफॉर्मरों पर बिजली गिरने से वे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरी रात गांव अंधेरे में डूबे रहे। गुरुवार सुबह तक भी इन इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
शहर के ककरमत्ता, पांडेयपुर, चेतगंज और चौकाघाट क्षेत्रों में भी दिनभर बिजली की आवाजाही जारी रही। बार-बार बिजली कटने और आने से लोगों के घरेलू कामकाज के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंधी से क्षतिग्रस्त लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य करने का दावा किया गया है।