करोड़ों के गबन के आरोपी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के लेखाकार ने दो ट्रांजेक्शन में ही लगभग तीन करोड़ रुपये अपने खाते में सरका दिए थे। इसके इनपुट मिलने के बाद डिस्कॉम ने उसकी 360 डिग्री विभागीय जांच शुरू करा दी है। आरोपी अकाउंटेंट को निलंबित कर उसके पटल से अब तक किए कार्यों और फाइलों की जांच की जा रही है। संभावना है कि अकाउंटेंट की ओर से गबन की गई रकम का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
कार्यदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के एक बार में 1.98 करोड़ और दूसरी बार 90 लाख रुपये उसने एक अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। गड़बड़ी की विभागीय पत्रावली सामने आने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार ने उसे निलंबित कर दिया।
निदेशक कार्मिक और प्रबंधन आरके जैन ने कहा कि प्रकरण की विभागीय जांच कर आरोप पत्र तैयार किया जा रहा है। सारे तथ्य सामने आने के बाद उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर पूर्वांचल डिस्कॉम में भ्रष्टाचार के एक के बाद एक तीसरा मामला आने के बाद हड़कंप मचा है।
पता चला है कि आरोपी की प्रयागराज के पॉश इलाके में करोड़ों की बिल्डिंग है। इससे लाखों रुपये किराया आता है। लेखा विभाग के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से भी मामले में इंकार नहीं किया जा सकता है।