दरअसल इस प्रकार के मीटर को मीटर रीडर की ओर से रीडिंग का प्रावधान नहीं है। इस प्रकार का बिल बनाने पर अपने आप निरस्त हो जाता है।
सिस्टम पर न होने के कारण यह जमा भी नहीं हो पाता। यदि उपभोक्ता एसडीओ या ईई आफिस से संपर्क करते तो ऐसी समस्या नहीं आती। विद्यालय के योगेंद्र मिश्र कहा कहना है कि बिजली विभाग के लोग आए थे, मीटर चेक करने के बाद बिल सुधार कर दे दिया है।