इस दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की, जिसमे अधिकांश अभिभावकों ने कहा कि जब तक प्रधान प्रतिनिधि और पत्रकार के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमा वापस नहीं लिए जाएंगे, तब तक बच्चे स्कूल पढ़ने नहीं आएंगे। इस दौरान एबीएसए प्रदीप सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि बच्चों को स्कूल में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। शिक्षक समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। एमडीएम भी मेन्यु के अनुसार बनाया जा रहा है लेकिन अभिभावक नहीं माने।
इस दौरान कुछ अभिभावकों ने बताया कि बच्चे की तबियत ठीक नहीं है तो कुछ ने बताया कि बच्चे बाहर किसी काम से गए हुए हैं। अभिभावकों के गुपचुप आंदोलन से हालात एक बार फिर से जटिल हो गए हैं।