पिछले तीन दिनों से शहर के निवासी बिजली के झटके से परेशान हैं। तेज हवा और बारिश के बाद बुधवार को बेेपटरी हुई विद्युत वितरण व्यवस्था अभी राह पर नहीं आ पाई है। शुक्रवार को बिजली की असमय कटौती का सबसे ज्यादा असर पेयजल की आपूर्ति पर पड़ा। पेड़ों की छंटाई के चलते भदैनी उपकेंद्र की बिजली ठप होने के कारण जल संस्थान के राॅ वाटर पंप से पानी नहीं उठाया जा सका। पक्का महाल सहित शहर के कई अन्य हिस्सों में शाम को पानी की आपूर्ति भी नहीं हो पाई। रात में शहर में 45 मिनट की आपात कटौती भी हुई।
सुंदरपुर में 33 केवी लाइन के समीप के पेड़ों की डालियों की छंटाई के लिए दोपहर 12 से चार बजे तक भदैनी उपकेंद्र की आपूर्ति रही। इसके चलते भदैनी राॅ वाटर पंप और भेलूपुर जलकल संयंत्र में पानी स्टोर नहीं किया जा सका। इस कारण शाम को पक्का महाल समेत शहर के कई अन्य हिस्सों में समुचित जलापूर्ति नहीं हो पाई। ऊंचाई वाले इलाकों में तो एक बू्ंद पानी नहीं पहुंचा। जंगमबाड़ी के रामसूरत तिवारी ने बताया कि तीन दिनों से नल में पानी नहीं आ रहा है। जंगमबाड़ी ही नहीं पक्का महाल के अन्य इलाकों, मदनपुरा में भी पेयजल की आपूर्ति ठीक से नहीं हो रही है जबकि रमजान का महीना चल रहा है।
संकट मोचन इलाके में 11 केवी का नया फीडर बनाया जा रहा है, जिसके चलते सुंदरपुर इलाके में दिन भर आपूर्ति बाधित रही। अधिशासी अभियंता रामसेवक राम ने बताया कि पेड़ों की छंटाई का काम पहले से ही तय था। यूं तो शहर को कटौती मुक्त घोषित किया गया है लेकिन शुक्रवार की रात लखनऊ कंट्रोल ने रात नौ बजे से शहर की कटौती करा दी और पौने 10 बजे आपूर्ति बहाल हुई। मरम्मत के चलते डीपीएच उपकेंद्र से जुड़े लहरतारा, मंडुवाडीह आदि इलाकों में भी दिन में घंटों आपूर्ति बाधित रही। वरुणापार के पन्नालाल पार्क का खराब ब्रेकर तीसरे दिन भी दुरुस्त नही हो पाया है। ट्रांसफार्मर जल जाने की वजह से ककरमत्ता इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है।