वाराणसी के जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस निर्वाचन से संबंधित पंपलेट, पोस्टर आदि पर मुद्रक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और छापी गई प्रतियों की संख्या अंकित करेंगे। किसी भी निषिद्ध सामग्री और फोटो का मुद्रण नहीं करेंगे। मुद्रण में प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा। मुद्रक, प्रकाशक से निर्धारित प्रारूप में सामग्री छापने संबंधी घोषणा पत्र लेगा जो दो व्यक्तियों द्वारा अनुप्रमाणित होगा। घोषणा पत्र को मुद्रक भी प्रति हस्ताक्षरित करेगा। प्रचार सामग्री प्रकाशन की पूरी जानकारी तीन दिनों में रिटर्निंग ऑफिसर को उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कहा कि मुद्रण में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करें। उल्लंघन पर छह माह कारावास या 2000 तक जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
आजमगढ़ के मुख्य कोषाधिकारी विजय शंकर ने बताया कि चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों और उसके प्रतिनिधि के पास 50 हजार रुपये तक रखने की छूट दी है। अगर जांच के दौरान इनके पास से 50 हजार से अधिक की धनराशि मिलती है तो उन्हें इसका हिसाब देना होगा। वहीं स्टार प्रचारकों को आयोग ने एक लाख रुपये तक अपने पास रखने की छूट दी है लेकिन उन्हें इसके लिए पार्टी के कोषाध्यक्ष से इसका प्रमाण पत्र लेकर अपने पास रखना होगा। अगर इनके पास से भी एक लाख से अधिक की धनराशि पकड़ी जाती है तो उनसे भी इस संबंध में पूछताछ की जा सकती है।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी देने के लिए बनाए गए एप सी विजिल को लेकर लोग काफी जागरूकता है। चुनाव की घोषणा के बाद अब तक दो सौ से ज्यादा लोगों ने एप डाउनलोड किया है। इसके माध्यम से शिकायतें भी भेजी जा रही हैं।