डॉ. हनीफ खां शास्त्री को साहित्य और शिक्षा के बीच असाधारण फर्क को समझाने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने वाराणसी के संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से संस्कृत से एमए किया और पुराण के बारे में गहन अध्ययन किया। आचार्य, शास्त्री और डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। बाद में संस्कृत के विद्वान बने। नई दिल्ली के राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान डीम्ड यूनिवर्सिटी में बतौर संस्कृत प्रोफेसर सेवाएं दीं।