उन्होंने बताया कि यह उपहार का पैक न केवल भक्तों को आकर्षित करेगा, बल्कि पर्यटकों को भी लुभाएगा। यह उन्हें काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रामाणिक पहचान अपने साथ ले जाने का मौका देगा। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इसे जल्द बाजार में लाने की तैयारी है।
एकादश उपहार में होगी ये सामग्री : शिवलिंग, श्रीयंत्र, धूपबत्ती, अगरबत्ती, रोली, अक्षत, रुद्राक्ष की माला, बाबा को चढ़ा हुआ भस्म, गंगाजल, भगवान शिव को अर्पित चंदन, स्थानीय रूप से तैयार कोई विशेष प्रसाद या मिठाई।