मौसम में बदलाव रोजाना देखने को मिल रहा है। मंगलवार की देर रात तक छाया कोहरा सुबह अचानक जैसे गायब हो गया। इसका असर यह हुआ कि बीते 10 दिनों से लगातार लेट हो रही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुधवार को निर्धारित समय से पहुंचीं। हालांकि 8 उड़ानें रद्द रहीं, 36 उड़ानें समय से पहुंचीं और 16 विमान देरी से आए-गए। समय से आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में काठमांडू और शारजाह की उड़ानें शामिल रहीं।
बुधवार को सुबह से ही कोहरे का असर नहीं दिखा। इस कारण सुबह वाराणसी आने वाली उड़ानें समय से पहुंचीं। इनमें बुद्धा एयर की काठमांडू-वाराणसी और एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-वाराणसी उड़ान शामिल रही। सबसे अधिक देरी एयर इंडिया की दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली उड़ान में 4 घंटे 1 मिनट, अकासा एयर की बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू में 2 घंटे 26 मिनट, इंडिगो की भुवनेश्वर-वाराणसी-भुवनेश्वर में 1 घंटा 48 मिनट की देरी दर्ज की गई।
इंडिगो की मुंबई-वाराणसी-मुंबई में 1 घंटा 45 मिनट, इंडिगो की बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू में 1 घंटा 11 मिनट, स्पाइसजेट की पुणे-वाराणसी-पुणे में 41 मिनट, अकासा की मुंबई-वाराणसी-मुंबई में 44 मिनट, एयर इंडिया एक्सप्रेस की बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू में 47 मिनट और एक अन्य एयर इंडिया एक्सप्रेस की बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू उड़ान में 2 घंटे 10 मिनट की देरी दर्ज की गई। इसी तरह 23 अन्य उड़ानें भी देरी से संचालित हुईं। वहीं कोहरा न होने के कारण 36 उड़ानें समय से संचालित की गईं।
15 दिसंबर से अब तक 65 विमान हो चुके रद्द
एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर से बुधवार तक 57 विमान कोहरे के कारण रद्द किए जा चुके हैं। वहीं 8 विमानों को ऑपरेशनल कारणों से रद्द किया गया। इसके चलते करीब 5000 से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि उड़ानें रद्द होने की स्थिति में विमानन कंपनियों की ओर से यात्रियों को रिफंड और ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।
सोमवार और मंगलवार को यात्रियों की बोर्डिंग के बाद रद्द हुईं फ्लाइटें
एयरपोर्ट पर बीते दो दिनों से ऐसी स्थिति सामने आ रही है, जब यात्रियों की बोर्डिंग कराने के बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई। सोमवार को अकासा एयर की उड़ान संख्या क्यूपी-144, वाराणसी से बंगलूरू जाने वाली, यात्रियों की बोर्डिंग के बाद रद्द कर दी गई। इसी तरह मंगलवार को इंडिगो की वाराणसी-कोलकाता उड़ान को भी बोर्डिंग के बाद रद्द किया गया। इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।