गंगा में उफान के कारण नाविक चिंतित हो उठे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण फिर से उनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। कोरोना के कारण लॉकडाउन के वजह से गंगा में नाव संचालन बंद था। 14 जून से नाव संचालन की अनुमति मिली तो अब गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से नाविक परेशान हैं।
मानसून के आने के बाद अब तक सात दिन में ही 200 मिलीमीटर बारिश होने से जून में औसत मानक का रिकॉर्ड टूट गया है। आने वाले दिनों में बारिश की जो संभावना जताई जा रही है, उससे पिछले दस साल का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। पिछले 24 घंटे में तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। 13 से 16 जून तक 44 मिलीमीटर बारिश हुई थी जबकि 17 जून को 102 मिलीमीटर बारिश हुई। शुक्रवार और शनिवार को मिलाकर दो दिन में मौसम विभाग ने 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। 13 से 19 जून तक कुल 200 मिलीमीटर बारिश हुई।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के अनुसार जून महीने में औसत बारिश का मानक 114 मिली मीटर है, ऐसे में इन सात दिनों में ही इसका रिकॉर्ड टूट गया। बताया कि मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अभी भी कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना है। इस वजह से अगले दो-तीन दिन तक बारिश होने के आसार है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि शनिवार को तीन डिग्री कम 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 24.2 की जगह शनिवार को 24.0 डिग्री सेल्सियस रहा।