स्कूलों में बच्चों के नामांकन में खेल कर एमडीएम से लेकर यूनिफार्म वितरण तक में हो रही धांधली को अब रोका जा सकेगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में इस तरह की धांधली को रोकने के लिए प्राइमरी और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन किया जा रहा है। एक महीने में अब तक बीस हजार से अधिक बच्चों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है।
इससे जिले से लेकर शासन तक निगरानी की जा सकेगी। वाराणसी जिले में संचालित 1311 प्राइमरी और 354 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 50,9297 बच्चे पढ़ते हैं।
इसमें दो लाख से अधिक बालिकाएं अध्ययनरत हैं। प्राइमरी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के फर्जी नामांकन की शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसी शिकायतों को दूर करने के लिए बच्चों का डाटा बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है।
इससे बच्चों की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। बता दें कि यह योजना पहले से लागू है लेकिन बीते एक महीने से इसे अमल में लाया जा रहा है। इसमें बच्चों के अभिभावक का मोबाइल नंबर भी होगा।
जिन बच्चों की फीडिंग हो जाएगी उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर पर एसएमएस जाएगा। अगर फीडिंग में कोई त्रुटि होती है तो अभिभावक उसे सही करा सकते हैं। ये काम 31 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।