बिहार के मूल निवासी और नई बस्ती पांडेयपुर में रहने वाले रंजीत राम ने दो अगस्त को नदेसर-चौकाघाट रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी थी। रंजीत की जेब से मिली तहरीर के अनुसार उसकी पत्नी अनीता दो बच्चों के साथ 30 जून से लापता थी।
एसएसपी के निर्देश पर सीओ कैंट मोहम्मद मुश्ताक के नेतृत्व में चौकी प्रभारी पांडेयपुर राजकुमार पांडेय ने पत्नी व बच्चों को शाहजहांपुर से बरामद किया। पूछताछ में अनीता ने बताया कि वह दूसरों के घर मे चौका-बर्तन करती थी। पति शराब पीकर उससे मारपीट करता था।
इससे वह परेशान थी। इसी बीच उसकी जान-पहचान एक महिला से हुई और धीरे-धीरे उससे बहुत करीबी हो गई। महिला ने कहा कि वह अगर उसकी बात मान ले तो वह उसके रोज-रोज के कष्ट से मुक्ति दिला देगी।
अनीता उसकी बात मान कर शाहजहांपुर चली गई और जब लौटने की बात करने लगी तब पता लगा कि उसे 50 हजार रुपये में बेंच कर उसकी शादी कराई गई है। इसके बाद शादी करने वाले ने उसे बंधक बना लिया। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि प्रकरण से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर साक्ष्य एकत्रित कराया जा रहा है। ठोस साक्ष्य के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि एक गिरोह है जो बनारस और आसपास के जिले के गरीब परिवारों की महिलाओं और युवतियों को अच्छी जिंदगी का झांसा देकर पश्चिमी उत्तरप्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेच कर शादी कराता है।
हिरासत में ली गई महिला, पुरुष मजदूरों और लोगों के घरों में चौका-बर्तन करने वाले परिवारों के बीच जाकर उठना-बैठना शुरू करते हैं। पता लगाते हैं कि कौन गरीबी से परेशान है और किसका पति रोजाना शराब पीकर मारपीट करता है।
इसके बाद सहानुभूति दिखाते हुए उसे अच्छी जिंदगी जीने का झांसा देकर अपने साथ ले जाते हैं और बेंच कर शादी करा देते हैं। इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि पुलिस टीमें सुरागकशी और दबिश में लगी हुई हैं। जल्द ही पूरे प्रकरण की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।