अस्सी निवासी दिनेश मिश्र ने बताया कि वे खाना खाकर बैठे थे तभी ऊपर पंखा हिलने लगा और झूमर हिलने की आवाज आई तो चिल्लाते हुए घर से निकले और हम सब सड़क पर आ गए। गोदौलिया के अनूप जायसवाल ने बताया कि कुछ देर तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ।
वाराणसी में देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे 10 से 12 सेकंड तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों से बाहर आ गए। बहुमंजिला इमारतों के बाहर भी अफरातफरी का माहौल रहा। इसके बाद लोगों ने फोन पर अपने परिचितों का भी हाल जाना। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 दर्ज की गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल होने के कारण बिहार और पूर्वांचल में इसका असर ज्यादा रहा।
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अस्सी निवासी दिनेश मिश्र ने बताया कि वे खाना खाकर बैठे थे तभी ऊपर पंखा हिलने लगा और झूमर हिलने की आवाज आई तो चिल्लाते हुए घर से निकले और हम सब सड़क पर आ गए। गोदौलिया के अनूप जायसवाल ने बताया कि कुछ देर तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। जब समझ में आया कि भूकंप है तो तुरंत घर से बाहर आ गए। लहरतारा, मंडुवाडीह, लंका, सेंट्रल जेल रोड, पांडेयपुर, मैदागिन सहित पूरे शहर में भूकंप के झटकों से दहशत का माहौल बना रहा। लोग देर रात तक सड़कों पर खड़े होकर भूकंप के अपने-अपने अनुभवाें की चर्चा करते रहे। खासकर बहुमंजिला इमारतों में रहने वालों को भूकंप के झटकों का ज्यादा असर रहा। यही कारण है कि वे नीचे उतरने के बाद वापस जाने में डरते रहे। बहुमंजिला इमारतों में एहतियातन लिफ्ट आदि बंद कर दिया गया था।
रिक्टर स्केल के मुताबिक भारत, नेपाल और चीन के खाड़ी के बीच केंद्र था। जिसका सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच महसूस किया गया। वाराणसी के अलावा सीतापुर, बाराबंकी, जौनपुर, लखनऊ के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों में लोग भूकंप के झटके महसूस कर अपने घरों से बाहर निकल गए थें।