वाराणसी। सिविल सेवा की तैयारी कर रहे काशी के कुछ युवाओं ने खुद पढ़ने के
साथ-साथ गांव के हमउम्र युवाओं को भी पढ़ाई में मदद की पहल की है। शहर से
वे गांव में जाएंगे और वहां के युवक-युवतियों को कॅरियर संवारने में मदद
करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का आदर्श गांव जयापुर भी इन युवाओं की मुहिम का
हिस्सा बनेगा। गांव में अगले हफ्ते तक ई-लाइब्रेरी खोलने की तैयारी है।
अलग-अलग विश्वविद्यालयों के इन छात्र-छात्राओं ने ‘होप वेलयफेयर’ नामक एक
ट्रस्ट बनाया है, जिसकी देखरेख में ई-लाइब्रेरी संचालित होगी।
ट्रस्ट के
सदस्य सोमवार को गांव की प्रधान दुर्गावती देवी से मिले और उन्हें पूरी
योजना बताई। गांव में लाइब्रेरी खोलने के लिए स्थान मांगा। कहा कि
लाइब्रेरी में हर आयु वर्ग के लोगों के लिए पुस्तकें होंगी। इसके अलावा
आईएएस, पीसीएस, बैंकिंग एवं मेडिकल परीक्षा की तैयारी से जुड़ी किताबें और
पेपर भी यहां मुहैया होंगे। हर संडे को ट्रस्ट के सदस्य गांव में आएंगे और
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों की मदद करेंगे। बताया कि
बुजुर्गों के लिए लाइब्रेरी में धार्मिक साहित्य भी मुहैया होगा। कोचिंग
से लेकर लाइब्रेरी तक सब कुछ नि:शुल्क होगा।
पॉकेट मनी से चलता है ट्रस्ट
तीन
जनवरी 2015 को होप वेलफेयर ट्रस्ट का गठन हुआ। ट्रस्ट में इस समय बीएचयू
और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुल 70 छात्र-छात्राएं सदस्य हैं। सभी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ट्रस्ट का संचालन उनकी पॉकेट
मनी से होता है। टीम के सभी सदस्य 25 से 35 साल के हैं। इनमें लड़कियों की
संख्या 30 के आसपास है। मूल रूप से छपरा (बिहार) के रहने वाले रवि मिश्रा
टीम लीडर हैं जबकि कनिष्क करण सिंह, देवांशु, अभय, अभिषेक पांडेय, जितेंद्र
उर्फ फ ौजी, कृष्णा, सबा परवीन, निरुपमा, अर्चना सिंह, सीमा पाठक, नेहा,
दीक्षा और नसीन की ट्रस्ट में अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं।