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क्या है ई-लर्निंग?: बीएचयू में 10 साल में चार गुना बढ़ी छात्रों की रुचि, पहले 20% अब 80% दिलचस्पी

Wed, 09 Apr 2025 05:48 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू में 10 साल में ई-लर्निंग के लिए चार गुना छात्रों की रुचि बढ़ी है। 10 साल पहले 20% तो अब 80% दिलचस्पी हुई। वर्ष 2013 में 70 प्रतिशत छात्रों को ई-लर्निंग के बारे में जानते नहीं थे। 
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BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के छात्रों की 10 साल में ई-लर्निंग आधारित पढ़ाई को लेकर चार गुना ज्यादा जागरूकता और रुचि बढ़ गई है। 2014 में सिर्फ 20 फीसदी छात्र ही ई-लर्निंग के प्रति जागरूक थे, जबकि 2024 में ये आंकड़ा 80 प्रतिशत को पार कर गया है। 15 प्रतिशत छात्रों में उच्चस्तरीय जागरूकता देखी गई। कृषि विज्ञान संस्थान के सीनियर प्रोफेसर, पीजी और रिसर्च स्कॉलर्स की ओर से कराए गए सर्वे में इसका पता चला है। 

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2013 और 2024 में दोनों सर्वे अलग-अलग रिसर्चरों की ओर से किए गए। इनके रिसर्च पेपर आइडियाज और इंडियन जर्नल ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन जर्नल में भी प्रकाशित किए गए हैं। 2014 तक घर पर होने वाली सेल्फ स्टडी ही अब ई-लर्निंग के तौर पर हाउस क्लासरूम के रूप में तब्दील हो गई है। 

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इंटरनेट के स्टडी मटेरियल की इतनी भरमार हो गई है कि प्रिंटेड फॉर्म में किताबों को पढ़ने का चलन कम हो रहा है। क्लासरूम के बजाय घर या हॉस्टल में मोबाइल से पढ़ने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें से कई जो बेहतर कर रहे हैं, उन्हें अच्छे नंबर्स भी मिल रहे हैं।70 प्रतिशत छात्र नहीं जानते थे।

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70 प्रतिशत छात्र नहीं जानते थे क्या है ई-लर्निंग

2013 में 50 छात्रों पर ये सर्वे किया गया था। सर्वे के अनुसार, 70 प्रतिशत छात्रों को ई-लर्निंग के बारे में जानकारी नहीं थी। 10 फीसदी छात्रों को थोड़ी मॉडरेट जानकारी थी। 20 फीसदी को ई-लर्निंग के बारे में उच्चस्तरीय जानकारियां थीं। वहीं, 2013 में हुए सर्वे के लेखक धीरज मिश्रा साकेत कुशवाहा, शोजी लाल, कीरोबीम और प्रदीप जोलिया थे। 2024 के सर्वे में बीएचयू के छात्र सुखचैन सिंह, प्रो. अरुण कुमार सिंह, प्राशीष सिंह और प्रियंका रॉय शामिल थीं। 

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