बीएचयू के छात्रों की 10 साल में ई-लर्निंग आधारित पढ़ाई को लेकर चार गुना ज्यादा जागरूकता और रुचि बढ़ गई है। 2014 में सिर्फ 20 फीसदी छात्र ही ई-लर्निंग के प्रति जागरूक थे, जबकि 2024 में ये आंकड़ा 80 प्रतिशत को पार कर गया है। 15 प्रतिशत छात्रों में उच्चस्तरीय जागरूकता देखी गई। कृषि विज्ञान संस्थान के सीनियर प्रोफेसर, पीजी और रिसर्च स्कॉलर्स की ओर से कराए गए सर्वे में इसका पता चला है।
2013 और 2024 में दोनों सर्वे अलग-अलग रिसर्चरों की ओर से किए गए। इनके रिसर्च पेपर आइडियाज और इंडियन जर्नल ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन जर्नल में भी प्रकाशित किए गए हैं। 2014 तक घर पर होने वाली सेल्फ स्टडी ही अब ई-लर्निंग के तौर पर हाउस क्लासरूम के रूप में तब्दील हो गई है।
इसे भी पढ़ें; PM Modi Varanasi Visit: काशी पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी, पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों का लिया जायजा
इंटरनेट के स्टडी मटेरियल की इतनी भरमार हो गई है कि प्रिंटेड फॉर्म में किताबों को पढ़ने का चलन कम हो रहा है। क्लासरूम के बजाय घर या हॉस्टल में मोबाइल से पढ़ने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें से कई जो बेहतर कर रहे हैं, उन्हें अच्छे नंबर्स भी मिल रहे हैं।70 प्रतिशत छात्र नहीं जानते थे।