बनारस के डीरेका में गुरुवार को दशहरे पर रावण दहन का नजारा पिछली बार से जुदा होगा। वहीं कई नए दृश्य देखने को मिलेंगे। केंद्रीय खेल मैदान पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को जलाने के लिए नया प्रयोग किया गया है।
सोने की लंका का भी निर्माण कुछ अलग अंदाज में हुआ है। दो सौ मीटर दूर बने मंच से आग का गोला जाकर रावण की नाभी में लगेगा और रावण जल उठेगा। शाम चार बजे से विजयदशमी समारोह का आयोजन किया जाएगा।
बुधवार को दशहरे के दिन होने वाले रूपक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा। रावण और उसके कुनबों के पुतलों के निर्माण में 80 बांस, 10 बल्ली, 150 किलो मैदा, 150 पीस साड़ी, 60 किलो विशेष प्रकार के तांत, 150 किलो कागज, पांच किलो रंग और 25 लीटर पेंट का प्रयोग किया गया है। पुतलों के अंदर 50 आवाज के पटाखे लगाए गए हैं।
विजयादशमी समिति के निदेशक एसडी सिंह ने बताया कि डीरेका में पहली बार दस सिरों वाला दशानन होगा। यहां रूपक राम वनगमन से लेकर रावण बध तक कि लीलाओं को रूपक के माध्यम से मूक अभिनय पर प्रस्तुत किया जाएगा।
सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था
पुतला
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डीरेका स्टेडियम, सिनेमा हॉल और बॉस्केटबॉल ग्राउंड परिसर से बाहर के मार्गों पर चारों तरफ साइकिल, रिक्शा, टू-व्हीलर, चार पहिया वाहन आदि पर पूरी तरह से प्रतिबंध होगा। इस क्रम में भारतीय खाद्य निगम की ओर से और सेंट जांस स्कूल गेट दोपहर 12 बजे से रात नौ बजे तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद रहेगा।
पिकेट गेटों से भी साइकिल व टूव्हीलर का प्रवेश वर्जित रहेगा। गैस सिलेंडर आदि पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं हैंड बैग, पॉलिथीन पैकेट, ट्रांजिस्टर, खिलौने, महिलाओं के बैग टाइप पर्स, पानी के बोतल आदि पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
डीरेका रेलवे पुलिस बल के निरीक्षक राजेश सिन्हा ने बताया कि सौ की संख्या में अतिरिक्त रेलवे पुलिस बल के जवान मेला परिक्षेत्र में चक्रमण करते रहेंगे। इसके अलावा सिविल पुलिस के जवान, सादे वेश में खुफिया पुलिस की तैनाती की गई है।
उधर, रूपक देखने के लिए विजयादशमी समिति के लोगों ने 500 अतिविशिष्ट, 3000 सफेद रंग, 1000 लाल और 2000 हरे रंग के पास जारी किए गए है। रूपक स्थल पर जाने के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं।