वाराणसी। जगत जननी मां जगदंबा का नौ दिवसीय आराधना पर्व प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। सुबह से ही पंडालों में विदाई के निमित्त पूजन-अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन किया गया। गांव से लेकर शहर तक माता की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इसी के साथ अगले बरस फि र आने की मनुहार भक्तों ने मां से की।
बुधवार को दोपहर बाद से ही आयोजकों द्वारा ट्राली व अन्य वाहनों पर मां दुर्गा के साथ ही भगवान गणेश, कार्तिकेय, लक्ष्मी व सरस्वती की प्रतिमाओं को विराजमान कराकर बाजे-गाजे व ढोल, नगाड़े की गूंज के बीच शोभायात्रा निकाली गई। रास्ते भर भक्त माता रानी के जयकारे लगाते रहे। प्रतिमाओं का विसर्जन खिड़किया घाट व सामने घाट विश्वसुंदरी पुल के नीचे बनाए गए गंगा सरोवरों के साथ ही गणेशपुर पोखरा, पहड़िया पोखरा, ईश्वरगंगी तालाब, मैदागिन स्थित कंपनी बाग, लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड, मछोदरी तालाब, शंकुलधारा पोखरा व भिखारीपुर पोखरा में किया गया। नाचते-गाते सुबह तक भक्तों ने मां की प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
मूर्ति विसर्जन में तैनात रहे मजिस्ट्रेट
नगर क्षेत्र में स्थापित 259 प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए चिह्नित 17 कुंडों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की देखरेख में शांतिपूर्ण विसर्जन संपन्न कराया गया। इस दौरा एडीएम सिटी विनय कुमार लगातार शहर में भ्रमण कर ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट की कार्यशैली पर नजर रखे हुए थे। एडीएम सिटी ने बताया कि देर रात तक विसर्जन पूर्ण करा लिया गया।
दशहरा मेला का लिया आनंद, मां दुर्गा की प्रतिमाएं विसर्जित
वाराणसी। ग्रामीण क्षेत्रों में विजयदशमी के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। मिर्जामुराद क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर पर दशहरा मेला संपन्न हुआ। राजा तालाब के शाहंशाहपुर में विजयादशमी पर्व पर लोगों ने राम-लक्ष्मण को शीश नवाया। चिरईगांव विकास खंड के दर्जनों गांवों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं तालाबों में विसर्जित की गई। राजातालाब क्षेत्र के पनियारा, सिहोरवा, नरसणा, काशीपुर, अदलपुरा आदि क्षेत्रों में दुर्गा प्रतिमाओं का भी विसर्जन गाजे-बाजे के साथ किया गया।
सेवापुरी विकास खंड के शिव शक्ति स्पोर्टिंग क्लब गोसाईपुर, कपरफोरवा, चकरा खेवली, रामेश्वर, जंसा, चौखंडी, कालिकाधाम, मटूका, कपसेठी, बड़ौरा, सत्तनपुर, कुरौना, हरसोस, धवलकल गंज, दानूपुर आदि जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित की गई। कछवारोड स्थानीय बाजार स्थित फ्रेंड्स क्लब द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा लालपुर स्थित नहर में विसर्जित की गई।
मिर्जामुराद के बेनीपुर (नई बाजार), चक्रपानपुर, अदमापुर, आदर्श ग्राम नागेपुर, गुरुदासपुर, प्रतापपुर व मेहदीगंज सहित आदि गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। चोलापुर क्षेत्र के धरसौना बाजार स्थित बरात घर से पूरे बाजार में धरसावन बाबा स्पोर्टिंग क्लब मां दुर्गा पूजा समिति की तरफ से सोमवार को आकर्षक झांकी निकाली गई। इसमें शिव तांडव, दुर्गा काली तांडव, महिषासुर मर्दनी, मटकी नृत्य, मोरनी नृत्य आदि की प्रस्तुत की गई।
चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा दुर्गा पूजा समिति ने मां दुर्गा की प्रतिमा को गांव व कस्बे में भ्रमण करा कर भगवानपुर गोमती नदी में विसर्जित किया। अजांव स्थित मां काली दुर्गा पूजा समिति ने विसर्जन सोनबरसां पोखरे में किया। कैथी मारकण्डेय महादेव दुर्गा पूजा ने भी मूर्ति का विसर्जन किया।
विजय जुलूस निकाला, मां दुर्गा की प्रतिमाएं विसर्जित
रामनगर। मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बलुवा घाट स्थित गंगा सरोवर में बुधवार की देर रात तक किया गया। रामनगर के चौक स्थित त्रिपौलिया गेट के समीप मां शेरावाली समिति, मिर्जापुर रोड पर गुरुद्वारा गली के सामने स्थित मां दुर्गा पूजा समिति, अशोक स्तंभ के पास मां अंबे पूजा समिति, साहित्य नाका स्थित गांव समाज दुर्गा पूजा समिति की ओर से विसर्जन जुलूस निकाला गया। वहीं डोमरी और सूजाबाद की भी दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन बलुआघाट पर स्थित गंगा सरोवर में किया गया। विसर्जन जुलूस में आलोक सेठ राकेश जायसवाल बाल गोविंद शर्मा दुर्गा सेठ, अशोक जायसवाल, प्रभुनाथ गुप्ता, सत्यनारायण मौर्य, सुरेश बहादुर सिंह सर्वेंद्र विक्त्रस्म सिंह आदि लोग शामिल रहे।