पंडाल का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इसकी ऊंचाई 80 से 90 फीट की बताई जा रही है। भीतर तीन-चार मिनट का इलेक्ट्रिक शो भी संचालित होगा। शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम में केदारनाथ मंदिर के तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है।
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मैदागिन स्थित टाउन हॉल में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के ओर से छत्रपति शिवाजी को तलवार भेंट करते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मां की प्रतिमा गंगा मिट्टी से तैयार की जा रही है। इसमें किसी प्रकार के हानिकारक केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाएगा। रोजाना शाम में मां को तीन घंटे शास्त्रीय संगीत सुनाया जाएगा।
जगतगंज में समसामयिक घटनाओं पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक शो
जगतगंज में समसामयिक घटनाओं पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक शो दिखाया जाएगा। वरुणा पुल क्षेत्र में श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के ओर से मां दुर्गा की 12 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि मां दुर्गा को हैंडलूम की बनारसी साड़ी पहनाई जाएगी। पांडेयपुर में खजुरी रोड पर आदियोगी थीम पर 40 फीट ऊंचा पंडाल बनाया जाएगा। काशी शारदीय उत्सव समिति के अध्यक्ष तुषार दुबे ने बताया कि पंडाल के मुख्य गेट पर आदियोगी शिव की 30 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। भीतर महिषासुर का वध करते हुए 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन होंगे।
जोड़ एलियन से लेकर महिला सशक्तीकरण तक, मूर्तियों में दिखेगी विविधता
काशी के मूर्तिकारों ने आस्था के साथ समसामयिक विषयों और आधुनिकता का अनूठा संगम पेश किया है। इस बार जिम स्पोर्टिंग क्लब, शारदा संघ और रामकृष्ण मठ सहित कई प्रमुख पंडालों में इस वर्ष कुछ बेहद अनोखी प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। चेतगंज स्थित विद्यार्थी स्पोर्टिंग क्लब में मां दुर्गा को ‘एलियन’ रूप में दर्शाया गया है, जबकि नवाबगंज दुर्गाकुंड में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के चेहरे से प्रेरित प्रतिमा बनाई गई है। वहीं, एक पंडाल में 14-15 फीट ऊंचे सिंह पर हंसमुख कन्या के रूप में भगवती विराजमान हैं। आधुनिक तकनीक के जरिये तुलसीपुर के गोल्ड स्पोर्टिंग क्लब में इलेक्ट्रॉनिक झांकी से नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया गया है, जहां छेड़खानी करने वाले का शिक्षिका दुर्गा रूप धरकर वध करती है। इसके अलावा, पान दरीबा में हाई-टेक भूत बंगला और गीता मंदिर में असुर वध का जीवंत दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।