टाउनहाल दुर्गा पूजा की 52 साल की परंपरा टूट जाएगी। नौ दिनों तक चलने वाली पूजा के लिए अभी तक अनुमति नहीं मिली है और पूजा में अब सिर्फ 24 घंटे ही शेष बचे हैं। मेयर ने 19 अक्तूबर को सदन का सत्र भी बुला लिया है ऐसी हालत में पूजा समिति ने पूजा न करने का निर्णय लिया है। पूजा समितियां कई दिनों से मेयर से संपर्क करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन वह किसी से बात नहीं कर रहीं हैं।
केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकराज मिश्र ने बताया कि पूजा में अब सिर्फ 24 घंटे ही शेष बचे हैं। 52 सालों के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब टाउनहाल में माता की नौ दिनों तक पूजा नहीं होगी। मेयर ने सदन के नियमों से परे जाकर नवरात्र काल में सदन की बैठक बुला ली है। सदन ने ही तीन साल पहले यह प्रस्ताव पारित किया था कि नवरात्र के दौरान सदन की कोई बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। पिछले कई दिनों से मेयर और नगर आयुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा है। अगर फोन उठ भी रहा है तो बताया जाता है कि साहब मीटिंग में व्यस्त हैं।
टाउनहाल दुर्गा पूजा समिति के संस्थापक सदस्य वैकुंठ नाथ मिश्र ने बताया कि 52 साल पहले 1969 में यहां पूजा आरंभ हुई थी। कोरोना संक्रमण काल में हम लोगों ने इस बार कलश पूजन का निर्णय लिया था। बृहस्पतिवार को बताया गया कि टाउनहाल में पूजन की अनुमति नहीं मिली है। इस मामले में जब मेयर से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। सदन में नेता प्रतिपक्ष सीताराम केशरी ने बताया कि सदन को चलाने के लिए पूजा को रोक दी गई। सदन को जनभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।