पर्यावरण को ध्यान में रखकर आठ जोन के 12 विसर्जन कुंडों में दुर्गा प्रतिमाएं विसर्जित होंगी। इसके लिए नगर निगम ने कार्ययोजना बनाई है। मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा की ओर से सभी कुंडों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। इसमें सभी विभागों के अधिकारी शामिल हैं जो मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे।
पूजा पंडाल समितियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के निस्तारण की जिम्मेदारी जोनल अधिकारियों को दी गई है। सड़क, सफाई, लाइट के अलावा केबल तारों को लेकर पंडाल संचालक नगर निगम के अधिकारियों को बता रहे हैं। सप्तमी, अष्टमी और नवमी को पंडालों में काफी भीड़ होती है तो बैरिकेडिंग मजबूत लगाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की दिक्कत भीड़-भाड़ में न होने पाए। पंडाल समितियों की ओर से जो प्रतिमाएं कुंडाें में जाएंगी। ये सभी विसर्जित मूर्तियों का निस्तारण पर्यावरण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसमें प्रतिमा की मिट्टी विसर्जन कुंड में घुल जाएगी। पुआल, लकड़ी, कपड़े, शीशा, मेटल को पारंपरिक तरीके से निस्तरित किया जाएगा। इनका खाद बनाकर खेतों में डालने के लिए किसानों को दिया जाएगा।