इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई रखने का निर्देस दिया। इसके बाद वे भोगवार गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गए। सीएचसी में निरीक्षण के दौरान मरीजों की संख्या कम देख चिंता जताई। कई वार्डों के दरवाजों पर ताले लगे मिले। अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग में रखी मशीन खराब मिली। उन्होंने मशीन ठीक कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। सीएचसी परिसर में गंदगी देख स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान एक चिकित्सक की ओर से मरीज को बाहर की दवा लिखने पर नाराजगी जताते हुए सीएमएस डॉ. अरविंद्र सिंह को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया। इमरजेंसी में सेंटर लाइन आक्सीजन के बंद और शिकायत पेटिका को काफी ऊंचाई पर लगाने पर सीएमएस व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। अस्पताल में मोती लाल ने मंत्री से शिकायत की कि यहां अधिकतर डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं।
इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे चिकित्सक के खिलाफ जांच के निर्देश सीएमएस को दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ओपीडी, आपरेशन कक्ष, जन औषधि केंद्र, दवा वितरण कक्ष को भी देखा। आईसीयू और डायलिसिस के बारे में जानकारी ली और सीएमएस डॉ.अरविंद सिंह को निर्देश दिया कि तत्काल पत्रावली भेजें ताकि इनका संचालन कराया जा सके।
इसके अलावा क्षय अस्पताल के निर्माण और चहनिया, बबुरी, बरहनी, कमालपुर में निर्माण के दौरान आई अड़चनों को दूर करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सीएमओ से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। इस दौरान सीएमओ डॉ. आरके मिश्रा, एडिशनल सीएमओ डॉ. पीके चतुर्वेदी, डॉ. नीलम ओझा, सीएचसी प्रभारी डॉ. नफीस अहमद, डॉ. राजेश अग्रेया, डॉ. फहमीदा बेगम, फार्मासिस्ट इंद्रजीत प्रसाद, सर्वेश राय मौजूद रहे।