पीडीडीयूनगर जीटी रोड पर स्वप्निल के पिता की दुकान है। छोटा भाई मेडिकल चलाता है। पहले स्वप्निल के पिता ने चंदासी के कृष्णा नगर कॉलोनी में जमीन खरीदी थी, जिस पर मकान स्वप्निल ने बनाया था। मूलरूप से ईस्टर्न बाजार राममंदिर के निवासी है।
प्रतीक गुजराती ने हवाला से छह करोड़ खपाए
एडीसीपी नीतू ने बताया कि कफ सिरप सिंडिकेट में हवाला की एंट्री सप्तसागर दवा मंडी के प्रतीक गुजराती ने कराई। शुभम जायसवाल के करीबी प्रतीक ने ही पूरी प्रक्रिया समझाई। बांग्लादेश से गोल्ड और हवाला से रकम वाराणसी पहुंचाई गई। शुभम की ओर से कफ सीरप को होलसेल रेट 100 प्रति शीशी में खरीद कर बांग्लादेश व अन्य राज्यों में 700 प्रति शीशी पर बेची जाती थी और मुनाफा सोने के रूप में तस्करी कर पश्चिम बंगाल आता था और सोने को नकदी में बदलकर ऑपरेटर प्रतीक गुजराती के माध्यम से कोड 10 रुपये या 100 रुपये, 500 रुपये की गड्डी में 100 की नोट के कोड नंबर से मैच करवा कर पैसों को एडजस्ट किया जाता था। पीडी फार्मा में आरोपी महमूरगंज निवासी लोकेश अग्रवाल की ओर से प्रतीक के माध्यम से 6 करोड़ से ज्यादा की नकदी जमा कर काले धन को अन्य फर्जी फर्मों से मनी लॉन्ड्रिंग की गई। रोहनिया पुलिस को प्रतीक गुजराती की तलाश है।
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मकान में मेडिकल की दुकान, कभी नहीं पहुंची दवा
जीएसटी और फर्म पंजीकृत कराने के लिए स्वप्निल ने ड्रग विभाग चंदौली के अधिकारियों को भी गुमराह किया, जिस मकान में मेडिकल खोले गए, उनका शटर कभी नहीं उठा। तीनों मेडिकल फर्म में बस उस कंपनी का बोर्ड लगाकर कुर्सी व मेज रखकर फोटो खिंचवा ली जाती थी और उसकी जीएसटी बनवाकर रजिस्ट्रेशन करवा लिया जाता था। उन फर्म में कभी कोई दवा नहीं आई थी।