आसमान गिरा! आसमान गिरा!! आसमान गिरा!!! कहां गिरा? कैसे गिरा?? यह सोचने की कोशिश किसी ने नहीं की और जंगल में भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए सब बेतहाशा बिना सोचे-समझे भागने लगे..। बचपन में ये कहानी तो सभी ने सुनी होगी लेकिन शुक्रवार की रात कुछ ऐसा ही वाकया शहर में देखने को मिला। जाने किस सिरफिरे ने सोशल मीडिया पर खुराफात की और लोग बिना सोचे-विचारे नमक खरीदने के लिए दूकानों की ओर दौड़ पड़े।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से फैली इस अफवाह ने पूरब तक खलबली मचा दी। घर-घर में शाम तक नोट बंद होने और बदलने की चिंता-चर्चा में नमक भी शामिल हो गया। कुछ दूकानदारों ने सौ-दो सौ रुपये किलो तक नमक बेचकर लोगों की नामसमझी का फायदा भी उठाया। जबकि वितरकों, और जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि नमक की कहीं कोई किल्लत नहीं है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। कई लोगों ने लंबी लाइन में घंटों खड़े रहकर किसी तरह पुराने नोट बदले। अब नमक खत्म होने की अफवाह कुछ ऐसी फैली कि जो रुपये बैंक से बदलकर लाए थे, उसे भी नमक खरीदने में खर्च कर दिए।
उपायुक्त खाद्य पार्थ अच्युत ने कहा कि वाट्सएप के जरिए अफवाह फैलाने वाले जेल जाएंगे। जिला आपूर्ति अधिकारी अशोक यादव ने कहा कि नमक की कोई कमी नहीं है। जनता घबराए नहीं। बनारस के गोदामों में नमक का पर्याप्त स्टाक है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रिपुसूदन आर्य ने बताया कि यदि कोई एमआरपी से अधिक दर पर नमक बेचा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।