फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएल और परमिट दिला रहे दलाल, तय शुल्क से पांच गुना तक हो रही वसूली 

Thu, 16 Aug 2018 12:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
परिवहन विभाग में दलालों का बोलबाला है। हाल यह है कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो या परमिट लेना हो, इनकी मदद से ही पत्ता हिलता है। कार्यालय के बाहर खड़े दलाल हर काम कराने का दावा करते हैं और तय शुल्क से पांच गुना तक वसूली करते हैं। पूरे कार्यालय में इनकी बेरोक टोक पहुंच है और इनके काम भी होते हैं।
विज्ञापन


परिवहन कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की इनसे मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑन लाइन टेस्ट देना होता है। इसके बाद भी दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और ऑनलाइन टेस्ट भी पास करवा देने का दावा कर लोगों से वसूली करते हैं। आरटीओ परिसर में दलालों की सक्रियता सरकारी मशीनरी पर सवाल खड़े कर रही है।

ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहनों के फिटनेस तक के लिए कार्यालय के लिपिक बाहर आने की जहमत नहीं उठाते। यही कारण है कि दलाल वहां हर जगह सक्रिय हैं और लिपिकों का ज्यादातर काम दलालों के जरिये पूरा हो रहा है। अधिकारियों के केबिन में इनकी आवाजाही पर किसी तरह की रोक नहीं है। आरटीओ में ऑटो परमिट के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है।
विज्ञापन


शहरी क्षेत्र में परमिट पर रोक के चलते ग्रामीण रुट के परमिट जारी किए जा रहे हैं। इसी परमिट की आड़ में शहरी क्षेत्रों में ऑटो का संचालन किया जा रहा है। यही कारण है कि पांच हजार परमिट वाले शहरी क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा आटो संचालित हो रहे हैं। बावजूद इसके इन ऑटो की धरपकड़ के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

दो पहिया के लिए 300 रुपये, चार पहिया के लिए 600 रुपये और भारी वाहनों के लिए 750 रुपये लर्निगिं लाइसेंस शुल्क है। मगर, दलाल इनके लिए क्रमश: 1500 रुपये से तीन हजार रुपये तक वसूल लेते हैं।

आरटीओ आरपी द्विवेदी का कहना है कि कार्यालय में दलालों की धरपकड़ का अभियान चलाया जाता है। पिछले दिनों अभियान में कई ऐसे लोग चिन्हित किए गए थे। कार्यालय में पुलिस के साथ अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें