ट्रक में सवार पंजाब निवासी दो युवक और बिहार के रहने वाले एक युवक ने पूछताछ में बताया कि वह सिर्फ कूरियर ब्वाय के रूप में काम करते हैं। तीनों ने बताया कि उन्हें यह गांजा की खेप उड़ीसा के संबलपुर से हरियाणा के पानीपत तक पहुंचाना था। इसके एवज में तीनों को डेढ़ लाख रुपये मिलते। रास्ते में डीजल खर्च और भोजन-पानी का खर्च अलग से दिया गया था। डीआरआई वाराणसी की टीम यह पता लगा रही है कि गांजा भिजवाने और लेने वाले कौन लोग हैं। बरामद गांजा की कीमत करोड़ों में आंकी गई है।