सावन में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवर यात्रा 20 जुलाई से शुरू होगी। इसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यूपी-बिहार और आसपास के राज्यों से इस बार बड़ी तादाद में भोले भक्तों के काशी पहुंचने का अनुमान है। भक्तों की सुविधा के लिए इलाहाबाद से काशी के बीच जहां कांवरिया शिविरों को खोलने की तैयारी शुरू हो गई है, वहीं कैंपों में भी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। शहर के शिविरों में ढाई लाख से अधिक भक्तों के ठहरने, खाने का प्रबंध होगा।
काशी विश्वनाथ को प्रसन्न करने के लिए कांवर यात्रा पर भक्तों के निकलने का क्रम जल्द ही शुरू हो जाएगा। इस बार सावन लगने के एक दिन बाद ही पहला सोमवार 25 जुलाई को पड़ रहा है। ऐसे में पहले जलाभिषेक के लिए देश के कोने-कोने से भक्तों की भीड़ 24 जुलाई की रात रविवार को ही काशी में उमड़ पड़ेगी। दशाश्वमेध के चितरंजन पार्क में शिव शक्ति कांवरिया भक्त तीर्थयात्री सेवा समिति की ओर से जल्द ही शिविर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। इस शिविर में करीब डेढ़ लाख से अधिक भक्तों के ठहरने, खाने की व्यवस्था की जाएगी।
लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में बाबा काशी विश्वनाथ कांवरिया सेवा समिति के शिविर के निर्माण की भी तैयारियां की जारही हैं। इस समिति से जुड़े राजेश शुक्ला ने बताया कि एक लाख से अधिक भक्तों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। भक्तों की भीड़ बढ़ने पर मारवाड़ी सेवा संघ के भवन में भी ठहराव कराया जाएगा। इसके अलावा काशी कांवरिया शिविर रथयात्रा चौराहे पर लगेगा। इस शिविर के संयोजक गोपाल सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को भी न्योता भेजा है। इस बार इलाहाबाद से काशी के बीच 16 से अधिक स्थानों पर कांवरियों के लिए शिविर लगाए जाएंगे, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।